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भाजपा प्रेमियों में भारी कमी , लाखो की भीड़ हजारो में सिमटी

0 comments, 2017-10-11, 1332 views

शिवकेश शुक्ला:अमेठी. मंगलवार को मौसम साफ था, चट्टान ऐसी धूप निकली हुई थी और इसमें अमेठी के कौहार के मैदान में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, सीएम योगी आदित्यनाथ सरीखे नेता को सुनने के लिए 15 से 20 हज़ार की ही भीड़ जुट सकी थी, पर  आज से 18 साल पहले 30 सितम्बर 1999 को इसी मैदान के दूसरे छोर पर पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेई के नाम पर एक लाख की भीड़ जुटी थी लेकिन ख़राब मौसम ने अरमानों पर पानी फेर दिया था। हैरत की बात ये है कि बीजेपी ने आज की रैली में दो लाख की भीड़ जमा होने की बात कही थी, और बड़ी मिन्नतों के बाद ये भीड़ जमा हुई। जैसे ही रैली ख़त्म हुई तो जिस भीड़ को हाथ जोड़कर जमा किया गया था उसे योगी की पुलिस ने धक्का दे-देकर भगाया। न नारों की गूंज थी और न ज़्यादा शोर गुल गौरीगंज से लगभग 5 किलोमीटर दूर कौहार के सम्राट साइकिल के उस मैदान पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कांग्रेस के राष्ट्र उपाध्यक्ष राहुल गाँधी को शहज़ादे कहकर मुस्कुराते हुए उन पर जुमलों की बौछार कर रहे थे कि लोग हंसते-ताली पीटते हुए लोटपोट हो जा रहे थे। लेकिन जो कमी खल रही थी वो ये कि न नारों की गूंज थी और न ज़्यादा शोर गुल। आंख वाले आए कम, बिन आंख वाले का ये था जज्बा दरअस्ल ऐसा करने के लिए बड़े जनसैलाब की ज़रूरत होती है जो थी पर औपचारिकता निभाने भर को। ऐसा भी नहीं है के लोगों को ख़बर नहीं थी, भीड़ जुटाने के लिए बीजेपी ने कमर कस कर तैयारी भी की थी। स्वयं कल अमेठी पहुंची स्मृति ईरानी ने भी लोगों से अपील की थी। इसके अलावा सुल्तानपुर आदि जगहों से भी लोग पहुंचे थे लेकिन खींच तानकर 20 हजार ही लोग जुटे। इसमे वो तस्वीरें देखने को मिली के आंख से मजबूर होने पर भी व्यक्ति नेता को सुनने पहुंचा।  कौहार में बीजेपी का ऐसा रहा इतिहास... बीजेपी के लिए कौहार की ज़मीन का जो पुराना इतिहास है उसे अमेठी निवासी योगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया तो इतिहास और अब में बीजेपी का ग्लैमर गिरता नज़र आया। योगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 1999 के लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी  अमेठी से चुनाव मैदान में थीं और बीजेपी से उनके मुकाबले पर अमेठी के राजा और वर्तमान में कांग्रेस के एमपी डा. संजय सिंह मैदान में थे। जिनके कैम्पेन के लिए 30 सितंबर 1999 को अमेठी के कौहार में अटल की चुनावी सभा आयोजित थी पर भारी बारिश में अटल को सुनने के लिए आई भीड़ को बैरंग लौटना पड़ा था। मोदी के इतिहास की वर्ड की मीडिया बनी थी सारथी  दूसरा इतिहास 2014 के लोकसभा इलेक्शन के दौरान पीएम मोदी ने रचा था। उस वक़्त कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मुकाबले पर बीजेपी से स्मृति ईरानी मैदान चुनावी मैदान में थी। इलेक्शन कैम्पेन के आखरी दिन शाम 4 बजे कौहार के मैदान पर मोदी दहाड़ रहे थे और लाखों की संख्या में लोग गगन चुम्बी नारे लगा रहे थे। जिसके सारथी न सिर्फ अमेठी के लोग बल्कि वर्ड की मीडिया भी बनी थी।

UPPatrika
शिवकेश शुक्ला
संवाददाता
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