Breaking News

बाहर से ज्यादा सम्मान मिला जेल में , शाम को रिहा हो सकते तलवार दम्पति

0 comments, 2017-10-13, 144 views

लखनऊ -  आरुषि मर्डर केस में आरोपी नूपुर और राजेश तलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को बरी कर दिया जो 9 साल पुराण मर्डर केस अपनी बेटी ही हत्या की सजा काट रहे तलवार दम्पति ! सीबीआई ने कोर्ट में जो दलीलें पेश की  उससे कोर्ट सहमत नहीं हो पाया इस बीच नूपुर का एक इंटरव्यू सामने आया  इसमें वह जेल की जिंदगी, बेटी को खोने के डरावने अनुभव, बेटी के मर्डर में आरोपी बनने और जेल में बिताए समय पर बात कह रही है ! नूपुर डासना जेल से छूटने के बाद की योजनाओं पर भी बात कर रही हैं और  उन्होंने कहा की वह आरुषि के नाम से एक एनजीओ खोलना चाहती हैं, जो बच्चों के लिए काम करेंगी ! नूपुर ने कहा, "जेल से छूटने के बाद मुझे नहीं लगता है कि हम अपना सामान्य रूटीन जीवन जी सकेंगे. हम पहले की तरह अपने क्लीनिक नहीं जा सकेंगे हम चाहते हैं कि इस समाज को कुछ वापस करें हो सके तो आरुषि के नाम से एक एनजीओ बनाकर बच्चों के लिए काम करेंगे."
उन्होंने कहा कि यह देखकर सुखद एहसास होता है कि जेल के अंदर लोग जजमेंटल नहीं होते हैं. वे बाहर के लोगों की अपेक्षा चीजों को ज्यादा बेहतर तरीके से स्वीकार करते हैं! और उन्होंने यह भी  कहा, "जेल में हमें जिस तरह का सम्मान मिला, वैसा संभवत: हमने बाहर भी नहीं पाया. यहां की दुनिया कम जजमेंटल है! यहां के लोग आपके चरित्र पर सवाल नहीं उठाते  जिस तरह से हम आरोपी थे, जिस तरह से लोगों ने आरुषि का चरित्र हनन किया, उस तरह का जेल में नहीं हुआ यहां लोगों ने हमें स्वीकार करा  जब हमें भावनात्मक समर्थन की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब जेल के लोगों ने हमें ये दिया. यहां के लोग हमेशा सांत्वना देते थे कि एक दिन जेल की सजा खत्म हो जाएगी और हम जेल से बाहर निकल जाएंगे."
ये भी बताया की शुरुआत में हम सजा को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे राजेश और मैं यही सोचते थे कि क्यों भगवान हमारी परीक्षा ले रहा है? हम ही क्यों? हम ही शिकार हुए हैं, हम ही पीड़ित हैं, हमने ही बेटी खोया है और हमें ही सजा मिल रही हालांकि, अंत में हमने इसमें भी शांति बना ली उसके बाद  उन्होंने कहा, दिन में बेटी के बारे में पढ़ते हुए और रात में उसके बारे में सोचते हुए हमने जेल में समय काट लिए!
नूपुर ने आगे कहा, "त्योहार का समय बहुत कष्टदायक होता है. इस दौरान उसे पुराने दिन याद आते हैं जब आरुषि सहित उनका पूरा परिवार साथ में रहता था और खूब मजे करता था! हर दिवाली और दशहरा हमें पुराने दिन याद आते हैं. उसकी कमी से हमें दुख होता है."
उन्होंने कहा, "बाहर की जिंदगी में हम जिससे चाहते उससे गले मिल सकते थे, जिससे चाहते बात कर सकते थे. जेल में पुराने दिनों को याद करके बहुत दुख होता." नूपुर ने ये भी बताया की हम तलवार दम्पति खुद पीड़ित हे और अपनी बेटी की हत्या की 4 साल से सजा काट रहे हे जिसका इंसाफ गुरुवार को हुआ हमे बाइज्जत बरी कर दिया गया और सुबह नूपुर और राजेश तलवार ने सभी अखबारों को सुबह मंगवाकर पढ़ा और या भी बताया जा रहा जानकारी अनुसार की आज शाम तक ये जेल से रिहा होंगे ! 


UPPatrika
रोहित कुमार

और न्यूज़ पढ़ें

0 Comments

Leave a comment

Your email address will not be published, all the fields are required.


Comments will be shown after approval .

पोल   करें

AJAX Poll Using jQuery and PHP

X

Loading...

X