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जब विधान सत्र में इन दो मंत्रियो के कारण मुख्यमंत्री को होना पड़ा शर्मिंदा

0 comments, 2017-12-20, 432 views

लखनऊ, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में चल रहे मौजूदा विधानमंडल सत्र के दौरान बुधवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सरकार को शर्मिंदा होना पडा। कृषि विपणन राज्यमंत्री स्वाती सिंह व खेल मंत्री चेतन चैहान विपक्ष के सवालों का जवाब ठीक से नहीं दे पाए और प्रश्न संदर्भ समिति को भेज दिए गए। विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 बजे उच्च सदन पहुंच गए। प्रश्नकाल के दौरान पहला सवाल सपा के विधान परिषद सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने उठाया। उन्होंने कृषि विपणन मंत्री से मुख्यमंत्री के विशेष सचिव अमित सिंह के 10 अगस्त 2017 के उस पत्र के बारे में पूछा था जिसमें उन्होंने मुख्य अभियंता ग्रेड-2 के अभियंताओं के खिलाफ जांच कराने के आदेश दिए थे। लेकिन, प्रश्न का उत्तर मंत्री स्वाती सिंह ठीक से नहीं दे पाईं। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है।इस पर सपा सदस्य ने पूछा कि क्या जांच के लिए तकनीकी सलाहकार समिति गठित हो गई है। मंत्री ने कहा अगर समिति गठित न होती तो जांच कैसे शुरू हो जाती। मंत्री के इस जवाब पर सदस्यों ने आपत्ति उठाई।
इस पर नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने पूरे मामले को सम्भालते हुये कहा कि अभी तकनीकी सलाहकार समिति के गठन की प्रक्रिया चल रही है। इस पर सदस्यों ने प्रश्न को स्थगित करने की मांग की। सभापति ने इस प्रश्न को संदर्भ समिति के पास भेज दिया।वहीं, दूसरे प्रश्न पर खेल मंत्री चेतन चैहान भी एक प्रश्न का जवाब नही दे पाये। सपा के हीरा लाल यादव ने पूछा कि अंबेडकरनगर के स्टेडियम में किन-किन खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसमें कोच की क्या स्थिति है, लेकिन मंत्री इस प्रश्न का ठीक से जवाब नहीं दे पाए। इस पर विपक्ष ने कहा कि सरकार के मंत्री बिना तैयारी के सदन में आ रहे हैं। सभापति रमेश यादव ने इस प्रश्न को भी प्रश्न संदर्भ समिति को भेज दिया।





UPPatrika
पवन कुमार
संपादक
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