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नहीं रहा फुटबॉल का एक योग्य खिलाड़ी, हादसाती मौत पर शोकसभा का अयोजन

0 comments, 2021-10-01, 255564 views

मऊ स्पोर्टिंग क्लब के सचिव और जिला फुटबाल संघ के पूर्व सचिव अली अब्बास के एक हादसाती निधन पर मऊ स्पोर्टिंग क्लब के पदाधिकारियों द्वारा अकस्मात एक शोकसभा का आयोजन किया गया। शोकसभा की अध्यक्षता मऊ स्पोर्टिंग क्लब के अध्यक्ष हाजी मुलतान और संचालन फैज अहमद ने अंजाम दी। सभा को सम्बोधित करते हुये राज्यसभा के पूर्व सांसद व मऊ स्पोर्टिंग क्लब के उपाध्यक्ष सालिम अंसारी ने अली अब्बास की सेवाओं और सामाजिक कार्याें की सराहना करते हुये उनके जीवन पर विस्तार से रौशनी डाली। नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन व मऊ स्पोर्टिंग क्लब के उपाध्यक्ष अरशद जमाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि स्व0 अली अब्बास फुटबाल जगत के जीवनदाता थे। 90 के दशक में मऊ जिले की स्थापना अमल में आने के बाद वे डी0एफ0ए0, मऊ के सचिव पद पर मनोनीत रहे और इस दौरान ऑल इण्डिया फुटबाल टुर्नामेन्ट का ऐतिहासिक और शानदार आयोजन कराया था। श्री जमाल ने कहा कि अली अब्बास का समूचा जीवन जिलेभर में फुटबॉल के प्रचार प्रसार और उसके खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारने में ही गुजर गया जिनके इस दुनिया से कूच कर जाने के बाद जनपद के खेल जगत में कुछ ऐसी रिक्ति व्याप्त हो गई जिसकी पूर्ति सम्भव नहीं है। सभा को सम्बोधित करते हुए जिले के मशहूर शैक्षिक संस्थान स्कॉलर पब्लिक स्कूल व डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओवैस तरफदार ने कहा कि स्व० अली अब्बास उनके सहपाठी और गहरे दोस्त थे जिनका शुमार जिले के फुटबाल और बैडमिंटन के अनुभवी, कुशल और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में होता था। बैठक की अध्यक्षता करते हुये हाजी मुलतान अहमद ने कहा कि अली अब्बास एक अत्यंत विनम्र, व्यवहार कुशल और मेहनतकश इंसान थे। फुटबाल के मैदान में अंजाम दी गई उनकी अभूतपूर्ण सेवा और योगदान को कभी फरामोश नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि आज मऊ स्पोर्टिंग क्लब का निजी ग्राउण्ड अली अब्बास साहब की ज़बरदस्त मेहनत का ही नतीजा है। याद रहे कि पिछले हफ्ते मऊ जिले के सठियांव गांव में अली अब्बास की मोटर साईकिल का एक चार पहिया वाहन से भीषण टकराव हो गया था जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गये थे। इस गम्भीर चोट के नतीजे में डॉक्टरों ने मजबूरन उनका एक पैर तन से अलग कर दिया था। वह अपनी चोट से मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर प्राभावित हुए कि उन्हें ब्रेन हैमरेज ने अपनी चपेट में ले लिया जिसके परिणाम स्वरूप अस्पताल का बेड मौत के बिस्तर में तब्दील हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही जिलेभर में शोक और गम की लहर दौड़ पड़ी। शोकसभा में खासतौर से हाजी मुहम्मद मुस्तफा चमन (कैशियर), इफ्तेखार अहमद मुंशी (ज्वांइट सिक्रेटरी), खुर्शीद हैदर (ज्वांइट सिक्रेटरी) के साथ ही सदस्यगण हाजी जमील अहमद सेठ, हाजी मुम्ताज़ अहमद शिमला, एजाज अहमद सी0ए0, हाजी शमशाद अहमद, हाजी शमीम अहमद, मुम्ताज अहमद, इर्शाद अहमद जेमनी, जावेद जे0के0, महफूज अहमद जनता, मुम्ताज अहमद, नसीम अहमद हलचल, नेयाज़ अहमद व शाबान नोमानी इत्यादि ने शिरकत की।


UPPatrika
जुनैद अर्सलान
संवाददाता
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