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"विधानसभा न्याय का मंदिर, पर चर्चा नहीं":मनोज पांडेय बोले- उप चुनाव में लोकतंत्र की हत्या हुई, रामपुर लोगों को वोट डालने से रोका गया

0 comments, 2022-12-07, 94806 views



सपा के विधानसभा में मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने शीत कालीन सत्र समय से पहले स्थगित करने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल उठाए। मनोज पांडे ने कहा, " यूपी का सबसे छोटा बजट सत्र में चलाया गया। कई विषयों पर चर्चा होनी थी मगर, मंगलवार को अचानक सदन को स्थगित कर दिया गया। यूपी में हुए तीन उप चुनाव में लोकतंत्र की हत्या की गई। रामपुर में बुजुर्ग और महिलाओं को मारा पीटा गया। लोगों को वोट डालने जाने से रोका गया।"उन्होंने कहा, " सदन के दूसरे दिन कार्रवाई में कई बड़े-बड़े मुद्दे शामिल थे। मगर, विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया गया। विधानसभा को न्याय का मंदिर माना जाता है जो समस्याएं हैं। उसके समाधान के लिए यहीं पर आवाज उठाई जाती है।"

मुख्य सचेतक मनोज पांडे ने कहा, "9 महीने बीत जाने के बाद भी यूपी विधानसभा की कमेटियों का गठन नहीं हो सका। सदन की कार्रवाई में खानापूर्ति जैसी रस्मअदायगी की जा रही है। 9 महीने सदन के गठन के बाद भी विधानसभा की कमेटियों का गठन नहीं हो पाया। हजारों याचिकाओं पर कोई निर्णय आज तक नहीं लिया जा सका।"

"उपचुनाव में लोकतंत्र की हत्या हुई"
सपा के विधायक मनोज पांडे ने कहा, "यूपी में हुए तीन उपचुनाव में लोकतंत्र की हत्या की गई। रामपुर में बुजुर्ग और महिलाओं को मारा पीटा गया। लोगों को वोट डालने जाने से रोका गया। लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर में ऐसा ही हुआ था। इससे मतदाता दुखी है। उन्हें मतदान करने से रोका जा रहा है। जाति धर्म देखकर पुलिस ने मतदाताओं को पीट रही है। घर में घुसकर गांव में आतंक फैलाकर वोट डालने से रोका गया।

"किसानों की जगह दलाल खरीद रहे धान
मनोज पांडेय ने कहा, "यूपी सदन में किसान मुद्दों पर चर्चा होनी थी, मगर चर्चा नहीं की गई। प्रदेश भर में किसानों के धान विक्रय केंद्र पर बिचौलियों का कब्ज़ा कर लिया गया है। किसानों की जगह दलालों से धान खरीदे जा रहें है। इससे जुड़े मुद्दे पर सदन में बात होनी थी। सत्र चलाकर किसानों की आवाज को भाजपा दबाना चाहती है। इसलिए उन्होंने सदन को 2 दिन में ही स्थगित कर दिया।

सरकार के इशारे पर विधायक सोलंकी के खिलाफ केस दर्ज हुआ


उन्होंने कहा," कानपुर के सपा विधायक इरफान सोलंकी को फंसाया गया है। विधायक का उस घटना से कोई संबंध नहीं है।सरकार के इशारे पर विधायक के खिलाफ FIR दर्ज कराकर कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया। सपा विधायकों का प्रतिनिधिमंडल जांच करने गया तो सारी सच्चाई सामने आई। विपक्षी सदस्यों को फंसाने का काम सत्ता पक्ष के लोग कर रहे हैं जो बंद होने चाहिए। विपक्ष की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। हमारा विश्वास निर्वाचन आयोग पर है। हमने उन्हें हर बार धांधली की जानकारी दी है। हमें विश्वास है कि निर्वाचन आयोग कार्रवाई करेगा।


UPPatrika
प्रशांत तिवारी
यूपी पत्रिका डेस्क
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