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कानपुर देहात: जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या अब तक 56, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दी ये सलाह

0 comments, 2019-11-02, 349683 views

कानपुर देहात से आर एस त्रिवेदी की रिपोर्ट। जहाँ भूले बिसरे डेंगू के एक आधे केस देखने को मिलते थे तो वहीं पर इस वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में डेंगू के मच्छरों ने अपना डेरा डाल दिया है। जिसका शिकार लोग तेजी से हो रहे हैं और मरीजों की संख्या 56 हो चुकी है। जिसमें कानपुर देहात में 35 डेंगू के मरीज हैं। वहीं पर मरीजों कि बात करें तो सरकारी कि वजह प्राइवेट अस्पताल मे इलाज कराने मे लगे है। इसी के चलते मुख्य चिकित्सा अधिकारी हीरा सिंह ने यह भी बताया कि डेंगू का इलाज जल्द से जल्द करवाएं। 
           डेंगू के लक्षण साधारण बुखार और डेंगू के लक्षणों में बहुत ही अंतर होता है डेंगू वायरल बुखार है, जो मादा मच्छर के काटने से फैलता है। मच्छर काटने के 5 से 7 दिन मे ही लक्षण नजर आने लगते हैं। डेंगू का सबसे प्रमुख लक्षण तेज बुखार होता है जिसका 100 से लेकर 115 डिग्री तक पहुंच जाता है।  हड्डियों व जोड़ों में दर्द रहता है, जी मिचलाना भी लक्षण है। डेंगू में आपको घबराहट महसूस होती है, शरीर में छोटे-छोटे लाल चकते हो जाते हैं, इन चकते में  कभी-कभी खुजली भी होती है। इसके अलावा आंखों के पीछे दर्द होता है और शरीर में थकावट सी एहसास होता है। 
          इससे बचने के लिए वहीं पर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी से डेंगू के विषय में बचने की बात की तो उन्होंने बताया कि इससे बचने के लिए फुल बाही के कपड़े पहने और मच्छरदानी में सोने की आदत डालें और हफ्ते में एक दिन (ड्राई डे ) घर को अच्छे से साफ सफाई करें और जहां पर पानी हफ्तों से जमा हो वह पानी भी साफ कर दें ताकि मच्छर वहां पर रह ना सके। 
          वहीं पर हीरा सिंह ने बताया कि हमारी टीम द्वारा 50 घरों में दवा का छिड़काव कर आते हैं और नालियों मे भी दवाइयां डलवाते है। एडीस एफ टी आई नाम का मच्छर होता है इसके शरीर के ऊपर सफ़ेद धारी होती है और आम भाषा मे इसको टाइगर मॉस्क्यूटो भी कहा जाता है। 



UPPatrika
पवन श्रीवास्तव
संपादक
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