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जिला योजना समिति एवं विकास कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित

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0 comments, 2017-05-14, 420 views

झाँसी प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह जी मंत्री ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने जिला योजना समिति एवं विकास कार्यो को लेकर बैठक की। बैठक मे समीक्षा करते हुए विकास भवन सभागार में अधिकारियों के मध्य उद्गार व्यक्त करते उन्होने कहा कि अधिकारी कार्य संस्कृति में बदलाव लाये और जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए विकास कार्य करें। विकास कार्य सतह पर होगा कागजों में विकास कार्य करने की प्रवृत्ति को जल्द छोड़ दें। जनससमयाओं के प्रति संवदेनशील हो अन्यथा दण्डित किये जाएगे। क्षेत्र के विकास हेतु जनप्रतिनिधियों के विचार आपके कार्य में वृद्वि करते है, तो उन्हें अवश्य स्वीकार करें। समस्त राजनैतिक दल क्षेत्र के विकास को लेकर उत्साहित है, और आप सभी का सहयोग चाहते है। मंत्री जी ने कानून व्यवस्था व गेहूं खरीद की भी समीक्षा की। जिला योजना वर्ष 2017-18 हेतु 28265.00 लाख रुपये विकास कार्यो के लिए प्रस्तावित किये गये तथा संशोधन उपरांत शासन को भेजे जाने के निर्देश दिए गये।
जिला योजना समिति की बैठक में मंत्री का फोकस विकास कार्यो पर पर ही था, परन्तु अधिकारियों की अनुपस्थिति और पूर्ण तैयारी के साथ न आने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने भूमि विकास एवं जल संसाधन के अनुपस्थित उप निदेशक को प्रतिकूल प्रविष्ठी के साथ इकाईयों के 4 बी.एस.ए. का वेतन काटे जाने के बाद 324.55 लाख प्रस्तावित व्यय को रोक देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम, पशुपालन विभाग, विभाग, दुग्धशाला, ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम, पर्यावरण के कार्यो पर असंतोष व्यक्त किया और चेतावनी देते हुए कहा कि यह पहली बैठक है। अतः भविष्य में इस तरह के कार्यो की पुनरावृत्ति होती है तो कार्यवाही अवश्य की जाएगी।
प्रभारी मंत्री ने जल निगम को स्पष्ट निर्देश दिए कि आप अपनी मर्जी से कोई कार्य नही करेंगे। रीबोर हेतु 400 हैण्डपम्पों के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लें और कार्य करें। उन्होने रीबोर हैण्डपम्पों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि जनप्रतिनिधियों द्वारा सत्यापन किया जा सके। उन्होंने कहा कि पेयजल संकट अधिक है और क्षेत्र भ्रमण में विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों को जनता से यह समस्या लगातार मिलती है। पशुपालन विभाग के प्रस्तावित परिव्यय पर चर्चा करते हुए कृत्रिम गर्भाधान द्वारा पशु प्रजनन सुविधाओं के लिए 60 लाख के परिव्यय को 1 करोड़ करने की स्वीकृति दी गयी। उन्होंने सीवीओ के कार्यो पर अपनी नाखुशी व्यक्त की और निर्देश दिए कि कार्य में गम्भीरता लाये तथा क्षेत्र में दुधारु जानवरों के विकास उनके टीकाकरण आदि पर कार्य करें। दुग्ध विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने 135 समितियों के दुग्ध संग्रह तथा किसानों को विभाग द्वारा 39.40 रुपये प्रति लीटर भुगतान की जांच एस.डी.एम. स्तर से कराये जाने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सत्यापित करें कि दुग्ध विभाग ट्रांसपोर्ट करता या किसान स्वयं डेयरी तक लाते है। यदि जांच में उक्त तथ्य गलत पाये तो कार्यवाही अवश्य की जाए। उन्होंने कहा कि कि कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जो विचार आएंगे उन्हें शामिल करते शासन को भेजा जाएगा। ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम के प्रस्तावित परिव्यय 402.82 लाख पर चर्चा करते हुए उन्होंने समूह व आवास का सत्यापन कराये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि अपात्र का चयन किया गया है, तो वसूली की जाए। आवास की सूची जनप्रतिनिधियों को दें ताकि सत्यापन किया जा सकें।

UPPatrika
अशोक श्रीवास्तव
स्वत्रन्त्र पत्रकार
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