Breaking News

उ0प्र0संगीत नाटक अकादमी की पटकथा व संवाद कार्यशाला का समापन

0 comments, 2020-10-17, 126408 views

लखनऊ: पटकथा को लेकर उसके अंग-उपांगों को लेकर ऐसी बहुत सी बारीकियां उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से आनलाइन आयोजित की गई ‘कथा-पटकथा एवं संवाद लेखन कार्यशाला’ में ‘देवों के देव महादेव’ सहित अनेक पौराणिक धारावाहिक व कुछ फिल्मों के पटकथा व संवाद लेखक मुम्बई के सीएल सैनी ने प्रतिभागियों को दी।

‘कम शब्दों में किरदार को जिन्दाकर यादगार बनें संवाद’

संवाद किसी भी फिल्म, टीवी धारावाहिक या नाटक का वह महत्वपूर्ण अंग है जो चरित्र, घटनाक्रम व काल इत्यादि बहुत कुछ अपने में समेटे होता है। कम से कम शब्दों मे इन साारी चीजो को लेकर रचा गया संवाद कथा को आगे बढ़ाने के साथ दर्शकों पर गहरा असर छोड़ता है और यादगार बन जाता है। अकादमी की ओर से 10 अक्टूबर से सीएलएस इंटरटेनमेण्ट मुम्बई और मानसी अभिनय गुरुकुल सहारनपुर के सहयोग प्रारम्भ हुई यह निःशुल्क कार्यशाला आज संवादों पर हुए गहन विमर्श के साथ सम्पन्न हो गई। समापन पर अकादमी के सचिव तरुणराज ने प्रतिभागियों के उत्साह और उनके कथा अनुसार तैयार किये संवादों की प्रशंसा की। 

मुम्बई में पिछले 15 वर्षों से पौराणिक कथाओं की पटकथा व संवादों पर कार्य कर रहे कार्यशाला संचालक सीएल सैनी ने आज राजकुमार, दिलीपकुमार, अशोककुमार, शाहरुख खान आदि अभिनेताओं के अंदाज और उनके लिए की गई खास डिजाइनिंग की चर्चा की। साथ ही मुगले आजम, शोले, सौदागर व मशाल जैसी फिल्मों के कुछ दृश्यो का हवाला देते हुए कहा कि संवादों को जिंदगी से उठाएं, बोलचाल की भाषा में हों। कम शब्दों में ज्यादा बात करने वाले हों और यादगार बनें। इसके लिए कविता पढ़ना-रचना बहुत जरूरी बताया। 

इसी क्रम ने उन्होंने चरित्रों के अनुरूप प्रतिभागियों से अलग-अलग शहरों की बोली, लहजे और मुहावरों इत्यादि पर बात की। इससे पहले के दिनों में पटकथा के तीन प्रमुख अंगों- कहानी की भूमिका, उसके मध्यक्रम का संघर्ष और अंततः उसका समाधान या चरमोत्कर्ष के बारे में बताने के साथ कहानी बुनने पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों से कहानी मांगी गई तो राजस्थान में एक दलित परिवार में रानी नाम की एक बेहद खूबसूरत बच्ची के पैदा होने की कहानी पर प्रतिभागियों को कथा बढ़ाने और संवाद रचने को दिये गए। प्रतिभागी पल्लवी के लेखन को सभी ने सराहा। 

अकादमी की नाट्य सर्वेक्षक व कार्यशाला समन्वयक शैलजाकांत पाठक ने बताया कि मुम्बई में हुए विद्युत व्यवधान के कारण संचालन में दो दिन व्यवधान आने से छह दिवसीय कार्यशाला को दो दिन बढ़ाया गया। मानसी अभिनय गुरुकुल के  योगेश पवार ने बताया कि कार्यशाला में मुम्बई के साथ ही हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, उत्तराखण्ड, झारखण्ड सहित प्रदेश से सहारनपुर, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, लखनऊ के श्यामली दीक्षित, अरविंद, अभिषेक ठकराल, रवि कर्णवाल, सुशांत, दीपक कौशिक आदि लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।





UPPatrika
शाश्वत तिवारी
स्वतंत्र पत्रकार
और न्यूज़ पढ़ें

0 Comments

Leave a comment

Your email address will not be published, all the fields are required.


Comments will be shown after approval .

पोल   करें

AJAX Poll Using jQuery and PHP

X

Loading...