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गोंडा दौरे पर मुख्यमंत्री ने किया कई अधिकारियों को निलंबित

0 comments, 2017-08-14, 1800 views

मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही बरतने वाले गोण्डा के प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करनैलगंज के चिकित्साधिकारी को निलम्बित करने के निर्देश दिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरित करने के निर्देश गोंडा 14 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही बरतने वाले गोण्डा के प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी श्री पूरन सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी श्री के0पी0 द्विवेदी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करनैलगंज के चिकित्साधिकारी डाॅ0 अजीत प्रताप को निलम्बित करने के निर्देश दिए हैं। जनपद गोण्डा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में आया कि पशुधन प्रसार अधिकारी श्री के0पी0 द्विवेदी बाढ़ ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं। इसी प्रकार, बाढ़ राहत केन्द्र भटपुरा में तैनात डाॅ0 अजीत प्रताप के बारे में शिकायतें मिलीं कि वे भी अक्सर गायब रहते हैं। प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी श्री पूरन सिंह के बारे में बताया गया कि वे 02 अगस्त, 2017 से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री जी ने इन अधिकारियों के निलम्बन का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर गोण्डा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 आभा आशुतोष को तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरित करने के निर्देश दिए। पशुओं की चारा व्यवस्था में ढिलाई बरते जाने के कारण उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 सुभाष चन्द्र जायसवाल को चेतावनी देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने जनपद बाराबंकी में बाढ़ सम्बन्धी ड्यूटी में शिथिलता बरतने वाले चिकित्साधिकारी डाॅ0 लईक अहमद, डाॅ0 वी0के0 सिंह तथा डाॅ0 धर्मेन्द्र राय को कठोर चेतावनी दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बहराइच जनपद के पशुधन अधिकारी डाॅ0 राहुल गुप्ता तथा आपूर्ति निरीक्षक श्री साहब लाल यादव को भी कठोर चेतावनी प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ ड्यूटी करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सचेत किया है कि वे अपने दायित्वों का जनहित में निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, औषधि, अन्य आवश्यक सामग्री सहित पशुओं के चारे की सुचारू व्यवस्था प्रत्येक दशा में सुनिश्चित की जाए तथा लोगों को राहत पहुंचाने एवं बचाव कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में नाव की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।

UPPatrika
पवन कुमार

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