अधूरे बजट के नाम पर 4470 शिक्षकों का टीए हड़पने की तैयारी में बेसिक शिक्षा विभाग, बीएसए ने थमाई नोटिस

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उमानाथ तिवारी की रिपोर्ट... गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामले में ग्रेडेड लर्निंग प्रशिक्षण के नाम पर शिक्षकों का टीए हड़पने की तैयारी है। शिक्षकों को मिलने वाले करीब साढ़े पांच लाख रुपये के टीए का भुगतान हड़पने के लिये अधूरे बजट का बहाना बताया जा रहा है। इस भ्रष्टाचार को लेकर शिक्षक संगठन यूटा के दो शिक्षक पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर आवाज उठाते हुए टीए का भुगतान मांगा तो उन्हे टीए के बदले बीएसए ने नोटिस थमाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हर दिन भ्रष्टाचार का कोई न कोई नया मामला सामने आ रहा है। ताजा प्रकरण ग्रेडेड लर्निंग प्रशिक्षण मे प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों के टीए भुगतान से जुड़ा है। दरअसल जिले के 2235 परिषदीय स्कूलों में अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों को ग्रेडेड लर्निंग का प्रशिक्षण दिया जाना था। प्रत्येक स्कूल से दो शिक्षक प्रशिक्षित किए जाने थे। इस आंकड़े के मुताबिक जिले भर के 4470 शिक्षकों को जनवरी व फरवरी महीने में प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण के लिए सर्व शिक्षा अभियान की तरफ से इस प्रशिक्षण के लिए 40 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। यह धनराशि शिक्षकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण व्यवस्था व स्टेशनरी समेत भोजन आदि पर खर्च की जानी थी। साथ ही प्रशिक्षण मे प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों को 25 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से यात्रा भत्ते(टीेए) का भुगतान किया जाना था। लेकिन प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों को करीब 5.58 लाख रुपये के टीए का भुगतान नहीं किया गया। पूरी धनराशि प्रशिक्षण के नाम पर खर्च कर ली गई। दो दिन पहले यूनाइटेड टीचर्स एसोशियशन के जिला कोषाध्यक्ष कृष्ण गोपाल दूरबार ने टीए भुगतान का मुद्दा उठाया था। कृष्ण गोपाल ने सोशल मीडिया ग्रुप पर टीए भुगतान की मांग करते हुए लिखा था कि प्रदेश के अन्य जिलों मे टीए के भुगतान किया जा रहा है जबकि यहां पर शिक्षकों को अबतक भुगतान नही हो सका है। कृष्ण गोपाल ने टीए भुगतान में गोलमाल किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की थी। सोशल मीडिया पर टीए भुगतान की कृष्ण गोपाल की यह मांग जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह को नागवार गुजरी और उन्होने टीए भुगतान कराने के बजाय सोशल मीडिया पर आवाज वाले शिक्षक कृष्ण गोपाल को ही नोटिस थमा दी। इसके अलावा इस मांग के समर्थन में कमेंट पोस्ट करने वाले एक अन्य शिक्षक सतीश पांडेय को भी नोटिस दे दी गई। दोनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए बीएसए ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं इस मामले पर जब प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले जिला समन्वयक प्रशिक्षण विनोद जायसवाल से जानकारी की गई तो उन्होने टीए भुगतान को सिरे से नकार दिया। उन्होने बताया कि प्रशिक्षण के लिए स्वीकृत बजट के सापेक्ष महज 17 लाख रुपये का आवंटन हुआ था। यह धनराशि ब्लाक संसाधन केंद्रों पर भेज दी गई थी। शासनादेश में टीए भुगतान का कोई जिक्र नहीं किया गया था।इस बारे में प्रमुख सचिव बेसिक डॉक्टर प्रभात कुमार से बात करने पर उन्होंने उक्त प्रकरण की जांच करने का आश्वासन दिया। साथ ही बैसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा मनीराम सिंह से संपर्क किया गया लेकिन उनका सीयूजी नंबर नहीं उठा।

UPPatrika
उमानाथ तिवारी
संवाददाता
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