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एनपीआरसी चयन शिकायत के फर्जी निस्तारण में फंसे बीएसए, फटकार, जुर्माना के साथ दो दिन में शिकायत निस्तारण करने का आदेश

0 comments, 2019-04-01, 590226 views

उमानाथ तिवारी की स्पेशल रिपोर्ट... गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का खेल नहीं थम रहा है। इस खेल को अंजाम दे रहे बीएसए इस बार सीधे हाईकोर्ट के निशाने पर आ गए हैं। एनपीआरसी चयन में गड़बड़ी की शिकायत पर उसके निस्तारण में खेल करने पर बीएसए फंस गए हैं। सोमवार को इस खेल पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बीएसए को कड़ी फटकार लगाते हुए उन पर दो हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। साथ ही दो दिन के भीतर शासनादेश के अनुरूप इस शिकायत को निस्तारित कर कोर्ट मे हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। मामला गोंडा जिले के बेलसर ब्लाक मे एनपीआरसी चयन से जुड़ा है। यहां के एक शिक्षक भगवानदीन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर उन्हे एनपीआरसी पद से हटाकर उनसे जूनियर शिक्षकों को इस पद पर तैनात किए जाने का आरोप लगाया था। विभागीय स्तर पर शिकायत की निस्तारण न होने पर भगवानदीन ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने शिकायत का संग्यान लेते हुए बीएसए को इसके निस्तारण के आदेश दिए तो बीएसए मनिराम सिंह ने हाईकोर्ट के आदेश को धता बताते हुए शिकायत निस्तारण मे ही खेल कर डाला। गलत ढंग से चयनित शिक्षकों को हटाने के बजाय उन्होने उनके नाम के ही आगे पीछे कर शिकायत का निस्तारण कर दिया और रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेज दी। शिकायतकर्ता शिक्षक ने इस खेल को उजागर करते हुए कोर्ट के समक्ष अवमानना याचिका दाखिल की। इस याचिका पर बीएसए सोमवार को हाईकोर्ट मे पेश हुए। हाईकोर्ट ने शिकायत निस्तारण मे हुए खेल पर बीएसए मनिराम सिंह को जमकर फटाकारा। शिकायत निस्तारण में गुमराह करने पर कोर्ट ने बीएसए पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है और शासनादेश के अनुसार दो दिन के भीतर शिकायत का निस्तारण करने के आदेश दिए हैं। यह था पूरा मामला गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग ने एनपीआरसी के पद पर उसी न्याय पंचायत के वरिष्ठ शिक्षक, उस न्याय पंचायत के उच्च प्राथमिक विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाध्यापक या सर्वाधिक छात्र संख्या वाले स्कूल के प्रधानाध्यापक को दिए जाने का शासनादेश है। इसी शासनादेश के तहत जिले के बेलसर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पकवानगांव में तैनात शिक्षक भगवानदीन को वरिष्ठता के आधार पर एनपीआरसी बनाया गया था। विवाद होने पर तत्कालीन बीएसए ने भगवानदीन को हटाकर उसी न्याय पंचायत में उनसे जूनियर शिक्षक पुष्कर तिवारी व कविता को एनपीआरसी बना दिया गया। इस मामले को लेकर भगवानदीन हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने शिकायत निस्तारण का आदेश दिया तो बीएसए मनिराम सिंह ने दोनो शिक्षकों को हटाने के बजाय उनके नाम को ही आगे पीछे लिखकर शिकायत का निस्तारण कर दिया जबकि दोनो शिक्षकों के पास एनपीआरसी का दायित्व बरकरार रहा। इसे लेकर भगवानदीन ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी। सोमवार को अदालत ने इस पर सुनवाई करते हुए बीएसए को फटकार लगाई और दो हजार रुपये का जुर्माना ठोंकते हुए दो दिन के भीतर शिकायत निस्तारण कर कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट मे तीन अप्रैल को मामले की फिर से सुनवाई होगी।


UPPatrika
उमानाथ तिवारी
संवाददाता
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