शिक्षक भर्ती मामले में एसटीएफ के निशाने पर गोंडा बीएसए

0 comments, 2019-04-07, 322608 views

सिद्धार्थनगर जिले में तैनाती के दौरान हुई शिक्षक भर्ती में संदिग्ध मिली भूमिका उमानाथ तिवारी की रिपोर्ट। गोंडा। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह शिक्षक भर्ती मामले में एसटीएफ के निशाने पर आ गए हैं। आरोप है कि मनिराम सिंह ने सिद्धार्थनगर मे बीएसए रहते हुए शिक्षक भर्ती मे जमकर घपला किया और धनउगाही की। एसटीएफ की जांच में मनिराम सिंह की भूमिका संदिग्ध मिली है। शिक्षक भर्ती में हुए फर्जीवाड़े को लेकर एसटीएफ जल्द ही बीएसए से पूछताछ कर सकती है। सिद्धार्थनगर जिले के बांसी डायट पर वर्ष 2009 में विबीटीसी के तहत तीन हजार शिक्षकों की भर्ती हुई थी। इस भर्ती में करीब पांच सौ लोगों को फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर तैनाती दे दी गई। बाद में डायट मे आग लगाकर इन प्रमाण पत्रों को नष्ट कर दिया गया था। शासन के आदेश पर जब एसटीएफ ने जांच शुरू की तो बांसी डायट के तत्कालीन प्राचार्य रहे ओमप्रकाश गुप्ता की भूमिका सामने आई। उन पर अपने कई रिश्तेदारों को फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरी देने का आरोप लगा। एसटीएफ की जांच मे पांच सौ फर्जी नियुक्तियां सामने आई। एसटीएफ के गिरफ्त मे आए शिक्षक राकेश सिंह,बाबू धर्मेंद्र कुमार व बर्खास्त शिक्षक गोविंदलाल गुप्ता ने भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम राज एसटीएफ के सामने खोले हैं। इसमें जिले के तत्कालीन डायट प्राचार्य ओमप्रकाश गुप्ता समेत चार बीएसए मनिराम सिंह, विनोद राय, अजय सिंह व अरविंद कुमार पाठक का नाम शामिल है। एसटीएफ को इन सभी की भूमिका संदिग्ध मिली है। इन सभी पर शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़ा करने व उनसे अवैध रूप से धनउगाही करने का मामला सामने आया है। गोरखपुर के एसटीएफ निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह का कहना है कि भर्ती मामले की जांच चल रही है। बांसी डायट पर हुई आगजनी की घटना के कारणों का तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी पूर्व बीएसए व डायट प्राचार्य से पूछताछ की जाएगी। आय से अधिक संपत्ति पर भी एसटीएफ की नजर गोंडा। शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स की नजर इन अफसरों की संपत्ति पर भी है। पिछले एक दशक में इनकी संपत्ति कितनी और कैसे बढ़ी इसकी जांच कर रही है। एसटीएफ के निरीक्षक का कहना है कि इन सभी पहलुओं पर उनकी नजर है। हर बात की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। एसटीएफ निरीक्षक ने माना कि अन अफसरों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले मे भी कार्रवाई हो सकती है। संपत्ति का ब्योरा न देने मे निलंबित हो चुके हैं अजय सिंह गोंडा। शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एसटीएफ की जांच के जद मे दूसरे तत्कालीन बीएसए अजय सिंह अपनी संपत्ति का ब्यौरा शासन को न उपलब्ध कराने पर 12 मई 2017 को गोंडा से ही निलंबित हो चुके हैं। वर्तमान समय में अजय सिंह बीएसए इटावा के पद पर कार्यरत हैं। अब एसटीएफ जांच की जद मे आने के बाद एक बार फिर से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

UPPatrika
उमानाथ तिवारी
संवाददाता
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